"होली के रंग"
फाल्गुन जो लाया होली का त्योहार आज.....
सदियों से फीका न पडा ये रंग,
उमंग, उत्साह से भिगोया हर दिल को.....
जनमानस मनाये उम्र के हिसाब से होली....
बच्चे मनाये होली,निर्मल आनंद पाने को,
यौवन मनाये होली,प्रेमरंग मे डूबकर....
प्रौढ़ मनाये होली, खुशियां बाटकर....
वृद्ध मनाये चुटकीभर रंग,पुरानी यादों में खोकर....
व्यक्तिगत रुप से अपने जीवनमे मनाये अनोखे रंगों से होली....
कोई डूबा मस्तीसे लाल, पीले, हरे रंगों मे....
कोई डूबा भक्तिके रंग मे....
कोई रंगा दोस्ती के रंग मे....
कोई डूबा प्रेम के रंग मे....
कोई डूबा देशप्रेम के रंग मे....
कोई डूबा साहित्यप्रेम के रंग मे.....
कोई डूबा जीवन के रंगों को शब्दोंकी परिभाषा मे अभिभूत करने को.....
भारतवर्ष मनाये अलग अलग तरीके से होली,
उत्तरप्रदेश मे बरसाना की लठमार होली,
पंजाब मनाये "होला -मोहल्ला"होली..
मणिपुर मनाये "याओसांग"होली...
छत्तीसगढ़ मनाये लोकगीतों के संग"होरी"...
गुजरात के द्वारका मे "फूलों की"होली...
महाराष्ट्र मनाये "रंगपंचमी"....
बिहार मनाये भोजपुरी मे "फगुनवा"
बंगाल मनाये पीले वस्त्रों मे "डोल पूर्णिमा" वसंत उत्सव....
गोवा मनाये "शिमगोत्सव"...
उत्तराखंड मनाये"कुमाऊ "...
केरल मनाये "मंजुल कूली"....
असम मनाये "डोल जात्रा"....
राजस्थान मनाये "लठमार" "पत्थर मार" "कोडा मार"....
अंदाज अलग अलग, परंपरा एक,
यही है विभिन्नता मे एकता....
कृष्ण व्रज मे मनाये राधा संग होली.
प्रकृति मनाये त्योहार "बसंतबहार" बनकर.
भावनाओके रंगों से भरी पिचकारी कलम बनी आज,
भरलो दिलमे रंग..... आज...
सबको होली की हार्दिक शुभकामना....
मनीष.





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