"सुकून"
जमाने की तेज रफ़्तार, भागदौड़,
इंसानी जज्बात, रंजिश मे
उलझा और गुमसुदा हुआ इंसान ...
बेताब कहीं न कहीं "सुकून" पाने को,
कोई ढूंढे भक्ति मे "सुकून"
कोई पाए सत्कर्मो मे "सुकून"
कोई ढूंढे प्रेम मे "सुकून"
कोई पाए इच्छाओं की
पूर्ति से "सुकून"
कोई पाए पुरानी सुनहरी यादों को
ताजा कर "सुकून"
कोई ढूंढे तन्हाइयों मे "सुकून"
कोई जग घूमे,
अपने ही भीतर पाए "सुकून"
बसा है "सुकून"
प्रकृति तेरी ही पनाहों मे...
सुबह शाम आकाश मे बदलते
रंगो के नज़ारे को देख,
निग़ाहों को मिलता "सुकून"
हवा, धुप, बरसात की बूंदो के
स्पर्श से,
रूहों को मिलता "सुकून"
मौसम की अंगड़ाइयों से
सारे जहां के बदलते नजारों,
रंग-बिरंगी फूलों को देख,
आँखों को मिलता "सुकून"
चहकती चिड़िया, कोयल,
मोर, पपीहा की टहूकार से,
कानों को मिलता "सुकून"
खूबसूरत घाटियों मे
अलौकिक शांति से,
महकते फूलों से,
मिट्टी की खुश्बू से,
लहराती फसलों से,
लहराती लहरों से,
दिल को मिलता "सुकून"
महसूस कर स्पर्श करके मुझे,
महसूस कर सूंघ कर मुझे,
महसूस कर देख कर मुझे,
हर वक़्त पाओगे "सुकून" मुझमें...
मनीष।

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